MERI MUMBAI LOCAL
गा...ड़ी बुला रही है, सी...टी बजा रही है। चलना ही जिंदगी है।
तीन दशक पुराना
ये फिल्मी गाना
एक अहम पहलू को परिभाषित करता है।
EMU - ELECTRIAL MULTIPAL UNIT
जिन्हें मुंबई में लोकल ट्रैन कहा जाता है , मुंबई की जीवन रेखा है।
कहते हैं कि कभी अगर लोकल ट्रेन के पहिए रूकते हैं तो पूरा शहर थम जाता है।
बोर्ड पे लिखे यें संकेत मुंबई करो के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है।
आप मुंबई के किसी भी स्टेशन पर हो, चाहे वो CHARACH GATE हो या फिर CST
लोगों का जनसैलाब उमड़ा रहता है।
लगता है जैसे ट्रेन की रफ्तार के साथ वो भी कदमताल कर रहे हैं।
प्लेटफार्म का नजारा एक अद्भुत अहसास कराता है।
लोकल ट्रेनों की आवाजाही एक मधुर संगीत जैसा प्रतीत होता है।
ईन सभी बातों से एक ही बात समझ में आती है,
कि लोकल ट्रेनों के बिना मुंबई की कल्पना करना भी असंभव है।
ये फिल्मी गाना
एक अहम पहलू को परिभाषित करता है।
EMU - ELECTRIAL MULTIPAL UNIT
जिन्हें मुंबई में लोकल ट्रैन कहा जाता है , मुंबई की जीवन रेखा है।
कहते हैं कि कभी अगर लोकल ट्रेन के पहिए रूकते हैं तो पूरा शहर थम जाता है।
बोर्ड पे लिखे यें संकेत मुंबई करो के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा है।
आप मुंबई के किसी भी स्टेशन पर हो, चाहे वो CHARACH GATE हो या फिर CST
लोगों का जनसैलाब उमड़ा रहता है।
लगता है जैसे ट्रेन की रफ्तार के साथ वो भी कदमताल कर रहे हैं।
प्लेटफार्म का नजारा एक अद्भुत अहसास कराता है।
लोकल ट्रेनों की आवाजाही एक मधुर संगीत जैसा प्रतीत होता है।
ईन सभी बातों से एक ही बात समझ में आती है,
कि लोकल ट्रेनों के बिना मुंबई की कल्पना करना भी असंभव है।
अगर आपने लोकल ट्रेनों में सफर नहीं किया तो इसका मतलब है कि आप मुंबई नहीं घुमें या
फिर आपकी मुंबई यात्रा अधुरी है , या आप मुंबई को समझ ही नहीं पाए हैं।
क्योंकि मुंबई करो का जीवन ईस मुंबई उपनगरीय महासेवा के बिना अधूरा है।
मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है।
कोई इसे मायानगरी कहते हैं , अब भी ये शहर अद्भुत सा लगता है।
गगन चुंबी इमारतें , लहराती इठलाती संमुन्द्र कि लहरें , और
इसके किनारे जिंदगी का आंनद लेते लोग ,
चमचमाती सडके , गाडि़यों का वजुद , समुंदर पर यू बना पुल
यहां कि जगमगाती रांते और
दौडते भागते हजारों लाखों लोग।
लगता है जैसे पूरा शहर दौड़ रहा है।
फिर आपकी मुंबई यात्रा अधुरी है , या आप मुंबई को समझ ही नहीं पाए हैं।
क्योंकि मुंबई करो का जीवन ईस मुंबई उपनगरीय महासेवा के बिना अधूरा है।
मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है।
कोई इसे मायानगरी कहते हैं , अब भी ये शहर अद्भुत सा लगता है।
गगन चुंबी इमारतें , लहराती इठलाती संमुन्द्र कि लहरें , और
इसके किनारे जिंदगी का आंनद लेते लोग ,
चमचमाती सडके , गाडि़यों का वजुद , समुंदर पर यू बना पुल
यहां कि जगमगाती रांते और
दौडते भागते हजारों लाखों लोग।
लगता है जैसे पूरा शहर दौड़ रहा है।
मुंबई , दूनिया के सर्वोच्च 10 वाणिज्यक केन्द्रों में से 1 है।
और भारत का तो सबसे बड़ा आर्थिक और वाणिज्यक केंद्र तो है ही।
इसी कारण से देश की एक बड़ी आबादी को ये शहर अपनी और आकर्षित करता है।
जिसके परिणाम स्वरूप ये शहर काफी स्वर गया है।
मुंबई भी अग्रसर शहरीकरण विकसित देशों के अन्य शहरो द्वारा देखी जा रही कई शहरीकरण की समस्याओं से जूझ रही है।
जैसे सड़क भुमी का कम होना और इसके फलस्वरूप सड़कों पर यातायात जाम और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में
अत्यधिक भीड़ बढती जा रही है।
मुंबई में वैसे तो जनपरिवहन के लिए साधन भी उपलब्ध है।
आप यहां आटो रिक्शा से यात्रा कर सकते हैं
लेकिन ये शहर के काफी सीमित हिस्से में ही चलते हैं।
'BEST' की बसे पुरे शहर में चलती है।
तो काली पीली 'TAXI' भी आपको पुरे शहर की यात्रा कराने के लिए हाजिर है।
लेकिन घनी आबादी का दबाव और सडक भुमी की कमी के वजह से यातायात जाम सडक की वजह से मुंबई जनमानुस के
लिए कोई साधन है तो वो मुंबई लोकल ही है।
मुंबई शहर को गतिमान रखने में ईन मुंबई लोकल ट्रेनों का बहुत योगदान है।
अगर इसको कुछ शब्दों में कहें तो मुंबई की धड़कन चलती है तो केवल मुंबई लोकल के सहारे।
मुंबई के इस विशिष्ट उपनगरीय रेल नेटवर्क के बारे में इतना सुनने के बाद उसके बारे में मेरी जिज्ञासा
इस और बढी।
इस कार्यक्रम में हमने मुंबई लोकल ट्रेन के सभी आयामों को समझने की कोशिश की है।
और भारत का तो सबसे बड़ा आर्थिक और वाणिज्यक केंद्र तो है ही।
इसी कारण से देश की एक बड़ी आबादी को ये शहर अपनी और आकर्षित करता है।
जिसके परिणाम स्वरूप ये शहर काफी स्वर गया है।
मुंबई भी अग्रसर शहरीकरण विकसित देशों के अन्य शहरो द्वारा देखी जा रही कई शहरीकरण की समस्याओं से जूझ रही है।
जैसे सड़क भुमी का कम होना और इसके फलस्वरूप सड़कों पर यातायात जाम और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में
अत्यधिक भीड़ बढती जा रही है।
मुंबई में वैसे तो जनपरिवहन के लिए साधन भी उपलब्ध है।
आप यहां आटो रिक्शा से यात्रा कर सकते हैं
लेकिन ये शहर के काफी सीमित हिस्से में ही चलते हैं।
'BEST' की बसे पुरे शहर में चलती है।
तो काली पीली 'TAXI' भी आपको पुरे शहर की यात्रा कराने के लिए हाजिर है।
लेकिन घनी आबादी का दबाव और सडक भुमी की कमी के वजह से यातायात जाम सडक की वजह से मुंबई जनमानुस के
लिए कोई साधन है तो वो मुंबई लोकल ही है।
मुंबई शहर को गतिमान रखने में ईन मुंबई लोकल ट्रेनों का बहुत योगदान है।
अगर इसको कुछ शब्दों में कहें तो मुंबई की धड़कन चलती है तो केवल मुंबई लोकल के सहारे।
मुंबई के इस विशिष्ट उपनगरीय रेल नेटवर्क के बारे में इतना सुनने के बाद उसके बारे में मेरी जिज्ञासा
इस और बढी।
इस कार्यक्रम में हमने मुंबई लोकल ट्रेन के सभी आयामों को समझने की कोशिश की है।
मुंबई उपनगरीय रेल सेवा के भारतीय रेलवे के जांनर अथोरटी और पश्चिम रेलवे के द्वारा संचालित की जाती है।
वेस्टर्न रेलवे लाइन, सेंट्रल रेलवे मेंन लाईन और हार्बर रेलवे लाइन के तौर पर
मुंबई लोकल तीन हिस्सों में बंटा है या कहें के इन लाइनों से मुंबई वासियो को यह सेवा देता है।
वेस्टर्न रेलवे लाइन पश्चिम रेलवे और सेंट्रल रेलवे मेंन लाइन और हार्बर लाइन मध्य रेलवे द्वारा संचालित किया जाता है।
मुंबई की जीवन रेखा इन लोकल ट्रेनों में रोजाना 75 लाख से अधिक यात्री सफर कर अपनी मंजिलो तक पहुंचते हैं।
2800 से ज्यादा लोकल ट्रेनो से मुंबई वासी रोजाना यात्रा करते हैं।
अब आप सोच सकते हैं , इतने बडे शहर की इतनी ज्यादा आबादी में स्थानीय परिवहन साधन के तोर पर सर्वाधिक लोकप्रिय
साधन इन लोकल ट्रेनों को हम विशेष ही कहेंगे ना।
वेस्टर्न रेलवे लाइन, सेंट्रल रेलवे मेंन लाईन और हार्बर रेलवे लाइन के तौर पर
मुंबई लोकल तीन हिस्सों में बंटा है या कहें के इन लाइनों से मुंबई वासियो को यह सेवा देता है।
वेस्टर्न रेलवे लाइन पश्चिम रेलवे और सेंट्रल रेलवे मेंन लाइन और हार्बर लाइन मध्य रेलवे द्वारा संचालित किया जाता है।
मुंबई की जीवन रेखा इन लोकल ट्रेनों में रोजाना 75 लाख से अधिक यात्री सफर कर अपनी मंजिलो तक पहुंचते हैं।
2800 से ज्यादा लोकल ट्रेनो से मुंबई वासी रोजाना यात्रा करते हैं।
अब आप सोच सकते हैं , इतने बडे शहर की इतनी ज्यादा आबादी में स्थानीय परिवहन साधन के तोर पर सर्वाधिक लोकप्रिय
साधन इन लोकल ट्रेनों को हम विशेष ही कहेंगे ना।
B. P.KHARE
MANAGER WESTRAN LINE
"मुंबई की जो रेलवे सबर्बन सर्विस है विश्व की सबसे बड़ी रेलवे सबर्बन सर्विस है।
और ये जो सर्विस है मुंबई की जीवन रेखा है। यह बहुत ही सस्ती है। इस पर समय से ट्रेने चलती है।
और ये बहुत ही सुरक्षित है।"
MANAGER WESTRAN LINE
"मुंबई की जो रेलवे सबर्बन सर्विस है विश्व की सबसे बड़ी रेलवे सबर्बन सर्विस है।
और ये जो सर्विस है मुंबई की जीवन रेखा है। यह बहुत ही सस्ती है। इस पर समय से ट्रेने चलती है।
और ये बहुत ही सुरक्षित है।"
पश्चिम रेलवे का मुख्यालय चर्चगेट में एक बिल्डिंग में स्थित है।
चर्चगेट , मुंबई का बिजनेस सेंटर कहलाता है।
लाखों लोग शहर के कोने-कोने से यहां रोजगार के सिलसिले में आते हैं।
तो इतने ही लोग मशहूर मनी ड्राइव पर सैर सपाटे के लिए भी आते हैं।
लोकल ट्रेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी यहां के दिन और रात के अंतरा को खत्म करके
यहां के रौनक को चार चांद लगा देती है।
पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय रेल सेवा का विस्तार चर्चगेट से विरार तक 28 स्टेशनो के 60 किलोमीटर के दायरे में फैला है।
जो 8 स्टेशन और बढकर धानुरोड तक फैल चुका है।
पश्चिम रेलवे के इस लोकल सेवा में रोजाना 36 लाख से ज्यादा दैनिक यात्री सफर करते हैं।
चर्चगेट , मुंबई का बिजनेस सेंटर कहलाता है।
लाखों लोग शहर के कोने-कोने से यहां रोजगार के सिलसिले में आते हैं।
तो इतने ही लोग मशहूर मनी ड्राइव पर सैर सपाटे के लिए भी आते हैं।
लोकल ट्रेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी यहां के दिन और रात के अंतरा को खत्म करके
यहां के रौनक को चार चांद लगा देती है।
पश्चिम रेलवे के मुंबई उपनगरीय रेल सेवा का विस्तार चर्चगेट से विरार तक 28 स्टेशनो के 60 किलोमीटर के दायरे में फैला है।
जो 8 स्टेशन और बढकर धानुरोड तक फैल चुका है।
पश्चिम रेलवे के इस लोकल सेवा में रोजाना 36 लाख से ज्यादा दैनिक यात्री सफर करते हैं।
"हम एक वेस्टर्न एरिया करीब सवा 100 किलोमीटर में कवर करते हैं।
हमारी 1300 ट्रेने है जो हर रोज चलती है हम यंहा से चांद तक का सफर 10 दिन मे पुरा करते हैं।
हमारी सेवाएं करीब 40 मिनट छोड के हमेशा दिन भर में कही ना कही जरूर दौड़ रही होती है।
हमारी 1300 ट्रेने है जो हर रोज चलती है हम यंहा से चांद तक का सफर 10 दिन मे पुरा करते हैं।
हमारी सेवाएं करीब 40 मिनट छोड के हमेशा दिन भर में कही ना कही जरूर दौड़ रही होती है।
पश्चिम रेलवे के इस लोकल ट्रेन सेवा ने की आयाम तय किए हैं।
यहां की लोकल को DC से आधुनिक AC में परिवर्तित किया गया।
पुरी पश्चिम लाइन को 1500 VOLTE DC से 25 KV AC में बदल दिया गया।
इस व्यवस्था में मुंबई लोकल ने आधुनिकता का नया अध्याय लिखा।
"महिलाओं के लिए आरक्षित पुरी ट्रेन ये विश्व की पहली ट्रेन करीब आज से 20 साल पहले शुरू हुई थी।
उसी तरह हमारे पास जो DAILY PASSENGER है उनके लिए SPECIAL डब्बे,
SENIOR CITIZENS के लिए आरक्षित
डब्बे तो वेस्टर्न रेलवे हमेशा पहले ही रहा है।
मुझे PANCHAL AP की अपनी टीम के साथ पश्चिम लाइन के अत्यधिक आधुनिक ट्रेन
MANGEMENT SYSTEM EMS
CONTROL ROOM देखने का मौका मिला।
यहां से चर्चगेट और विरार के लिए बीच उपनगरीय रेल सेवा के संचालन पर नजर रखी जाती है।
रोमांचित कर देने वाले इस दर्श्य को देखकर ये सवाल स्तव: मन मे आया कैसे
इतनी बड़ी रेल सेवा का संचालन TRAIN MANGEMENT SYSTEM की वजह से सफल हो पाया है।
यही से वेस्टर्न रेलवे की जो 28 स्टेशनो के बीच में मुंबई उपनगरीय रेल सेवा चलती है।
उसका संचालन किया जाता है।
इसका संचालन इसी CONTROL ROOM से किया जाता है और
ये देखा जाता है कि कौन सी ट्रेन कहां पर है।
खुबसूरत, मनमोहन और बेहतरीन कलाकारी का नमूना ये BUILDING
कोई महल नहीं बल्कि मध्य रेलवे का मुख्यालय CST (CHATARPATI SHIVAJI TERMINUS) है।
जो पहले VICTORIA TERMINUS के नाम से जाना जाता था।
पहले आम बोल चाल की भाषा में इसे VT और अब CST के नाम से जाना जाता है।
CST का ये भवन ताजमहल के बाद भारत की सबसे ज्यादा AUTOCRAFT BUILDING है।
बेहतरीन कलाकृतियों से भरे इस भवन मे लोग ट्रेन पकड़ने तो आते ही हैं।
ये मुंबई आए पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनता है।
स्टेशन के अंदर ट्रेनो के आने जाने का सिलसिला या
हजारो लोगों का एक एन सैलाब काफी अद्भुत करने वाला द्रिश्य है।
मध्य रेलवे के उपनगरिय रेल सेवा में रोजाना 1618 ट्रेने अपनी सेवाओं से
40 लाख से ज्यादा यात्री रोजाना सफर करते हैं।।
मध्य रेलवे से मध्य रेलवे मैन लाइन और हार्बर लाइन की सेवाएं चलती है।
मध्य रेलवे की लोकल लाइन्स मे आपको परपरागत और आधुनिकता दोनों का मेल दिखाई देगा।
यहां की लोकल को DC से आधुनिक AC में परिवर्तित किया गया।
पुरी पश्चिम लाइन को 1500 VOLTE DC से 25 KV AC में बदल दिया गया।
इस व्यवस्था में मुंबई लोकल ने आधुनिकता का नया अध्याय लिखा।
"महिलाओं के लिए आरक्षित पुरी ट्रेन ये विश्व की पहली ट्रेन करीब आज से 20 साल पहले शुरू हुई थी।
उसी तरह हमारे पास जो DAILY PASSENGER है उनके लिए SPECIAL डब्बे,
SENIOR CITIZENS के लिए आरक्षित
डब्बे तो वेस्टर्न रेलवे हमेशा पहले ही रहा है।
मुझे PANCHAL AP की अपनी टीम के साथ पश्चिम लाइन के अत्यधिक आधुनिक ट्रेन
MANGEMENT SYSTEM EMS
CONTROL ROOM देखने का मौका मिला।
यहां से चर्चगेट और विरार के लिए बीच उपनगरीय रेल सेवा के संचालन पर नजर रखी जाती है।
रोमांचित कर देने वाले इस दर्श्य को देखकर ये सवाल स्तव: मन मे आया कैसे
इतनी बड़ी रेल सेवा का संचालन TRAIN MANGEMENT SYSTEM की वजह से सफल हो पाया है।
यही से वेस्टर्न रेलवे की जो 28 स्टेशनो के बीच में मुंबई उपनगरीय रेल सेवा चलती है।
उसका संचालन किया जाता है।
इसका संचालन इसी CONTROL ROOM से किया जाता है और
ये देखा जाता है कि कौन सी ट्रेन कहां पर है।
खुबसूरत, मनमोहन और बेहतरीन कलाकारी का नमूना ये BUILDING
कोई महल नहीं बल्कि मध्य रेलवे का मुख्यालय CST (CHATARPATI SHIVAJI TERMINUS) है।
जो पहले VICTORIA TERMINUS के नाम से जाना जाता था।
पहले आम बोल चाल की भाषा में इसे VT और अब CST के नाम से जाना जाता है।
CST का ये भवन ताजमहल के बाद भारत की सबसे ज्यादा AUTOCRAFT BUILDING है।
बेहतरीन कलाकृतियों से भरे इस भवन मे लोग ट्रेन पकड़ने तो आते ही हैं।
ये मुंबई आए पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनता है।
स्टेशन के अंदर ट्रेनो के आने जाने का सिलसिला या
हजारो लोगों का एक एन सैलाब काफी अद्भुत करने वाला द्रिश्य है।
मध्य रेलवे के उपनगरिय रेल सेवा में रोजाना 1618 ट्रेने अपनी सेवाओं से
40 लाख से ज्यादा यात्री रोजाना सफर करते हैं।।
मध्य रेलवे से मध्य रेलवे मैन लाइन और हार्बर लाइन की सेवाएं चलती है।
मध्य रेलवे की लोकल लाइन्स मे आपको परपरागत और आधुनिकता दोनों का मेल दिखाई देगा।
B. P. KHARE
MANAGER RAILWAY
"मध्य रेलवे कि जो सबर्बन सर्विस है, इसके कई हिस्से हैं।
जो मैन लाईन का हिस्सा है वह मुंबई CSTM से KASARA तक
और मुंबई CSTM से KARJAK तक।
इसके अलावा हार्बर ब्रांच मुंबई CSTM से PANVEL तक जाता है।
इसके अलावा ट्रांस हर्बर ब्रांच है जो THANNE से लेकर VAASHI तक जाती है।
इस पर लगभग प्रतिदिन 40 लाख लोग सफर करते हैं।
और मध्य रेलवे 1618 सर्विसजं प्रतिदिन चलाती है।
इसके बिना मुंबई का दैनिक जीवन बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
लोगो को रोड़ से यात्रा करने में काफी समय लगता है। और सबर्बन सर्विस बहुत ही FAST है।
MANAGER RAILWAY
"मध्य रेलवे कि जो सबर्बन सर्विस है, इसके कई हिस्से हैं।
जो मैन लाईन का हिस्सा है वह मुंबई CSTM से KASARA तक
और मुंबई CSTM से KARJAK तक।
इसके अलावा हार्बर ब्रांच मुंबई CSTM से PANVEL तक जाता है।
इसके अलावा ट्रांस हर्बर ब्रांच है जो THANNE से लेकर VAASHI तक जाती है।
इस पर लगभग प्रतिदिन 40 लाख लोग सफर करते हैं।
और मध्य रेलवे 1618 सर्विसजं प्रतिदिन चलाती है।
इसके बिना मुंबई का दैनिक जीवन बहुत ही मुश्किल हो जाएगा।
लोगो को रोड़ से यात्रा करने में काफी समय लगता है। और सबर्बन सर्विस बहुत ही FAST है।
जिस हिसाब से मुंबई शहर बढ़ रहा है। और आबादी अपने विस्तार पर है।।
इसमें मुंबई की तेज और भागम भाग वाली जिंदगी से सामंजस्य बिठाने के लिए
मुंबई को इन लोकलस ट्रेन का ही सहारा है।
हर वर्ग के व्यक्तियों द्वारा इस स्थानीय परिवहन साधन के तौर पर
इस्तेमाल किए जाने की वजह से इन लोकलस में काफी भीड़ बड़ी है।
इसमें मुंबई की तेज और भागम भाग वाली जिंदगी से सामंजस्य बिठाने के लिए
मुंबई को इन लोकलस ट्रेन का ही सहारा है।
हर वर्ग के व्यक्तियों द्वारा इस स्थानीय परिवहन साधन के तौर पर
इस्तेमाल किए जाने की वजह से इन लोकलस में काफी भीड़ बड़ी है।
"पहले 4 डब्बे से शुरू हुआ फिर 8 डब्बे आए फिर 9 डब्बे आए 12 काफी दिन चला
और अब 15 डब्बे हमने START किया।
अभी हमारी सारी मैन लाईन कि गाडिया 12 डब्बे हो गई है।
पिछले 5 वर्षों में हमने 30% नई ट्रेने या फिर COACHES की संख्या में इजाफा किया है।
और जो PASSANGERS का GROTH वो करीब 5% बढा है।
तो अगर आप इसको SATISFYING ले तो 17% से 18% DENTISY में कमी आई है।
मतलब लोगों को ज्यादा SPACE मिला है।
और अब 15 डब्बे हमने START किया।
अभी हमारी सारी मैन लाईन कि गाडिया 12 डब्बे हो गई है।
पिछले 5 वर्षों में हमने 30% नई ट्रेने या फिर COACHES की संख्या में इजाफा किया है।
और जो PASSANGERS का GROTH वो करीब 5% बढा है।
तो अगर आप इसको SATISFYING ले तो 17% से 18% DENTISY में कमी आई है।
मतलब लोगों को ज्यादा SPACE मिला है।
"भीड को कम करने के लिए 12 CAR RACKS और 15 CAR RACKS
12 डिब्बे की गाड़ी और 15 डिब्बे की गाड़ी भी चलाई है।
15 डब्बे की हमारी 16 SERVICES चलती है।
और 12 डब्बे की मैन लाईन के ऊपर BY CSTM TO KARJAK,
MUMBAI CSTM से KASARA तक और ट्रास हर्बर AREA में जो गाडि़यां चलती है।
और हार्बर लाइन पर अभी 9 CAR की गाडिया
चलती है।
अगले साल तक वो भी 12 CARS की SERVICE वहां भी हो जाएगी।
12 डिब्बे की गाड़ी और 15 डिब्बे की गाड़ी भी चलाई है।
15 डब्बे की हमारी 16 SERVICES चलती है।
और 12 डब्बे की मैन लाईन के ऊपर BY CSTM TO KARJAK,
MUMBAI CSTM से KASARA तक और ट्रास हर्बर AREA में जो गाडि़यां चलती है।
और हार्बर लाइन पर अभी 9 CAR की गाडिया
चलती है।
अगले साल तक वो भी 12 CARS की SERVICE वहां भी हो जाएगी।
सारे सुरक्षा सांधनो की मौजूदगी के बावजूद मुंबई लोकल ट्रेन में सफर या ट्रेन पासिंग के दौरान काफी लोग अपनी जान गंवाते हैं।
एक आकडे के हिसाब से पिछले एक दशक में मुंबई लोकल में दुर्घटना की वजह से
36000 से ज्यादा लोग मर गए हैं।
परिणाम स्वरूप ट्रेन अपनी अक्षमता से दुगना तिगुना भीड़ ढोते हैं।
एक आकडे के हिसाब से पिछले एक दशक में मुंबई लोकल में दुर्घटना की वजह से
36000 से ज्यादा लोग मर गए हैं।
परिणाम स्वरूप ट्रेन अपनी अक्षमता से दुगना तिगुना भीड़ ढोते हैं।
P. KHARE
MANAGER WESTRAN RAILWAY
"जो मुंबई सबर्बन SERVICES है हमारी उनमे 2 तरह की घटना होती है
जिनसे लोगो की PASSANGERS की जांन गयी है।
एक TRACK PASSING CASES है ।
जब लोग ANUTHORIJATION TRACK को पार करते है।
और वो RUN OVER हो जाते है।
इसके लिए MUMBAI RAILVKAS CORPORATION
एक स्कीम है जो कि वो FOOTOVER BRIDGE बना रहे हैं ।
ACCESS CONTROL बना रहे हैं।
और उससे यह घटना रुकेगी।
MANAGER WESTRAN RAILWAY
"जो मुंबई सबर्बन SERVICES है हमारी उनमे 2 तरह की घटना होती है
जिनसे लोगो की PASSANGERS की जांन गयी है।
एक TRACK PASSING CASES है ।
जब लोग ANUTHORIJATION TRACK को पार करते है।
और वो RUN OVER हो जाते है।
इसके लिए MUMBAI RAILVKAS CORPORATION
एक स्कीम है जो कि वो FOOTOVER BRIDGE बना रहे हैं ।
ACCESS CONTROL बना रहे हैं।
और उससे यह घटना रुकेगी।





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