24 दिसंबर 2002 को दौड़ी थी पहली दिल्ली मेट्रो, जीता 30 लाख लोगों का विश्वास

24 दिसंबर 2002 को दौड़ी थी पहली दिल्ली मेट्रो, जीता 30 लाख लोगों का विश्वास

दिल्ली मेट्रो की पहली ट्रेन 24 दिसंबर 2002 को 8.4 किलोमीटर लंबे शाहदरा – तीसहजारी कॉरीडोर पर दौड़ी थी।

24 दिसंबर 2002 को दौड़ी थी पहली दिल्ली मेट्रो, जीता 30 लाख लोगों का विश्वास

Amit Kumar

May 04, 2016, 04:08 AM IST
नई दिल्ली.3 मई 1995 को अस्तित्व में आई थी दिल्ली मेट्रो। बीते 21 सालों में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने 213 किलोमीटर लंबा नेटवर्क स्थापित कर लगभग 30 लाख लोगों के आवागमन को सुगम बनाया है। दिल्ली मेट्रो की पहली ट्रेन 24 दिसंबर 2002 को 8.4 किलोमीटर लंबे शाहदरा – तीसहजारी कॉरीडोर पर दौड़ी थी। फेज वन के पहले कॉरीडोर में महज छह स्टेशन थे। 11 नवंबर 2006 में पहले फेज के अंतिम कॉरीडोर (बाराखंभा से इंद्रप्रस्थ) के बीच मेट्रो ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ। इस दौरान 65.1 किलोमीटर के दायरे में 59 मेट्रो स्टेशन के जरिए लोगों को विश्वस्तरीय आवागमन का साधन उपलब्ध कराया गया। डीएमआरसी के फेज दो की शुरुआत 3 जून 2008 को हुई, जो 27 अगस्त 2011 में पूरा हुआ। इस फेज में 125.07 किलोमीटर में मेट्रो का विस्तार कर 82 स्टेशनों का निर्माण किया गया। रोजाना 96000 किमी सफर तय करती है दिल्ली मेट्रो
25 दिसंबर 2002 को मेट्रो ऑपरेशन के पहले दिन चार मेट्रो ट्रेनों ने शाहदरा से तीस हजारी मेट्रो स्टेशन के बीच एक दिन में करीब 186 चक्कर लगाकर 1170 किलोमीटर की दूरी तय की। वहीं वर्तमान समय में 223 ट्रेनें रोजाना 3248 चक्कर लगाकर एक दिन में करीब 96 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर रही हैं। मेट्रो के 43 कर्मी सम्मानित
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के 22वें स्थापना दिवस पर मेट्रो भवन में आयोजित समारोह के दौरान 43 कर्मचारियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। 2015 के लिए बेस्ट स्टेशन की ट्राफी मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन को मिली। यह ट्राफी नीति आयोग के वाइस चेयरमैन डा. अरविंद पनगडिय़ा ने सीनियर स्टेशन मैनेजर गजराज सिंह को दी। सीनियर ग्रुप स्टेशन मैनेजर राजीव वर्मा को मेट्रो पर्सन आफ द ईयर और सीनियर ट्रेन ऑपरेटर शिखा भटनागर को मेट्रो वूमेन आफ द ईयर की ट्राफी प्रदान की गई।
- “दिल्ली में विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के लिए 2015 बेहद उपलब्धियों से भरा रहा है। छह सितंबर 2015 को 30 किलोमीटर लंबे कॉरीडोर का परिचालन शुरू करने के साथ दिल्ली मेट्रो ने अपने नेटवर्क का विस्तार 213 किलोमीटर तक किया। इसके अलावा पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए डीएमआरसी ने सोलर एनर्जी के जरिए छह मेगावाट ऊर्जा उत्पन्न किया है। 2021 तक डीएमआरसी सोलर एनर्जी के लिए 50 मेगा बाट बिजली उत्पन्न करने में सक्षम होगी।” -डा. मंगू सिंह, प्रबंध निदेशक, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन
- दिल्ली मेट्रो ने 21 वर्षों के सफर में कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं। मेट्रो ने न केवल नया वर्क कल्चर तैयार किया है बल्कि मेट्रो नेटवर्क को लेकर पूरे देश को नई दिशा ही है।” -दुर्गा शंकर मिश्र, अतिरिक्त सचिव, शहरी विकास मंत्रालय 5 साल में 75 नए मेट्रो स्टेशन, 7 नए कॉरीडोर
2021 तक दिल्ली समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेट्रो नेटवर्क का दायरा करीब 490 किलोमीटर लंबा होगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन अगले पांच वर्षों में सात नए कारीडोर तैयार करेगी। डीएमआरसी सातों कॉरीडोर का निर्माण फेज चार के तहत करेगा। यह फेज करीब 95.86 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें 31.47 किलोमीटर भूमिगत और 64.39 किलोमीटर एलिवेटेड मेट्रो रेल नेटवर्क तैयार किया जाएगा। साथ ही 75 मेट्रो स्टेशन तैयार किए जाएंगे। इसमें 27 भूमिगत और 48 एलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे। ये होंगे नए कॉरीडोर
इसमें द्वारका–कंझावला–प्रेम पियाऊ, तुगलकाबाद–साकेत, साकेत–आईजीआई एयरपोर्ट, मजलिस पार्क–मौजपुर, मजलिस पार्क–आरके पुरम, इंद्रलोक–इंद्रप्रस्थ और रिठाला–बवाना–नरेला कॉरीडोर। हर आधा किलोमीटर पर उपलब्ध होगा मेट्रो स्टेशन
डीएमआरसी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार दिल्ली मेट्रो के विस्तार की योजना को कुछ इस तरह तैयार किया है कि 2021 के बाद दिल्ली-वासियों को हर आधे किलोमीटर में एक मेट्रो स्टेशन उपलब्ध हो। इस योजना के तहत दिल्ली से एनसीआर की तरफ मेट्रो लाइन को बढ़ाया जाएगा। वहीं रिंग रेल की तर्ज पर बन रहे दो कॉरीडोर (मजलिस पार्क–शिव विहार और जनकपुरी पश्चिम-गोल्फकोर्स) के जरिए मौजूदा मेट्रो कॉरीडोर को जोड़कर नेटवर्क का घनत्व बढ़ाया जाए। 2021 तक विश्व का तीसरा सबसे लंबा मेट्रो रेल नेटवर्क
2021 तक दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 490 किलोमीटर का होगा। साथ ही यह विश्व का तीसरा सबसे लंबा नेटवर्क बन जाएगा। वर्तमान में विश्व का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क शंघाई का है जो करीब 588 किलोमीटर तक फैला है। दूसरे पायदान में 554 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल नेटवर्क के साथ बीजिंग मेट्रो का है। वहीं, दिल्ली मेट्रो 213 किलोमीटर लंबे मेट्रो रेल नेटवर्क के साथ 11वें पायदान पर है। दिल्ली मेट्रो से पहले क्रमश: शंघाई, बीजिंग, लंदन, न्यूयार्क, मास्को, सियोल, मादरिद, मैक्सिको और पेरिस हैं। दिसंबर 2016 में तीसरे फेस का निर्माण कार्य पूरा होने के साथ दिल्ली मेट्रो न्यूयार्क, मास्को, सियोल, मादरिद, मैक्सिको और पेरिस मेट्रो को पीछे छोड़ते हुए विश्व का चौथा सबसे लंबा मेट्रो नेटवर्क होगा।
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